
ज्वालापुर से अपहृत पांच वर्षीय मासूम रश्मि को रविवार देर रात पुलिस टीम ने सहारनपुर से बरामद कर लिया। अपहरणकर्ता अजय शर्मा शनिवार रात को मासूम की तबियत खराब होने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराकर फरार हो गया था। मासूम तक पहुंचने में अपहरणकर्ता का भाई महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ। देर रात पुलिस टीम मासूम को लेकर यहां पहुंचने वाली थी।
ज्वालापुर की वाल्मीकि बस्ती घासमंडी निवासी पेशे से दिहाड़ी मजदूर मुकेश की पांच वर्षीय पुत्री रश्मि का उस समय अपहरण कर लिया था जब वह पास की दुकान पर खरीददारी करने गई थी। अपहरणकर्ता की पहचान एक दिन पूर्व क्षेत्र में रहने आए अजय शर्मा पुत्र महेंद्र शर्मा के रूप में दुकानदार ने की थी। पुलिस ने अपहरणकर्ता की मां को हिरासत में ले लिया था। सिडकुल की अनेक औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत रहे आरोपित के मासूम का अपहरण करने का मकसद स्पष्ट नहीं हो सका था।
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अपहरणकर्ता की तलाश में शनिवार रात भर सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद रविवार सुबह पुलिस ने देहरादून पहुंचकर आरोपित के भाई संजीव शर्मा को हिरासत में ले लिया था। यहां लाकर संजीव शर्मा ने अपने भाई अजय शर्मा के मोबाइल फोन पर जब संपर्क साधा था, तब आरोपित ने मासूम के अंबाला रोड, सहारनपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी।
रविवार देर शाम कोतवाली प्रभारी पंकज गैरोला के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने मासूम को बरामद कर लिया। एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि अपहरणकर्ता शनिवार देर शाम उल्टी होने पर मासूम को अपनी पुत्री अंजलि शर्मा बताकर अस्पताल से फरार हो गया था। रविवार सुबह राउंड पर पहुंचे डॉक्टर के मासूम से बातचीत करने पर उसने अपनी पहचान बताई। अस्पताल प्रबंधन ने मासूम को चाइल्ड केयर संस्था को सौंप दिया था। एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि बच्ची बिलकुल ठीक है। पुलिस टीम उसे लेकर यहां आ रही है। अपहरणकर्ता अजय शर्मा की तलाश में पुलिस जुटी है।
